■परछाई■
जीवन में विरोध परछाई की तरह होता है। जब आप जमीन पर लेटे होते हैं तो कोई परछाई नहीं होती है। वह तो उसी क्षण प्रकट होता है जब आप खड़े होते हैं। जब आप प्रकाश के साथ होते हैं, तो परछाई आपके पीछे होती है। यदि आप परछाई से लड़ रहे हैं, तो आप उजाले से दूर जा रहे हैं। जागो, उठो और चलो; आपका पथ पहले से ही प्रकाशित है! 👍👍👍